शहर के सिस्टम में फैला सट्टा कारोबार
Reporter: Rajendra Shekhawat
20 Jan, 2017
553

 



  • शहर के कई बंद पड़े कॉम्प्लेक्स में चल रहा है सट्टा

  • सार्वजनिक रूप से सटोरियों ने बनाए अड्डे


चित्तौडग़ढ़: सट्टे के व्यवसाय के लिए विशेष पहचान रखने वाले निम्बाहेड़ा की पहचान अब सट्टे को लेकर खतरे में पड़ती दिख रही है। जिला मुख्यालय भी इस दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। चित्तौडग़ढ़ जिला मुख्यालय पर सड़कों के किनारे चलने वाला सट्टा अब एक संगठित व्यवसाय का रूप लेता जा रहा है। सट्टे का व्यवसाय करने वाले इन संचालकों ने मोटी राशि का किराया तय कर खाली पड़े भवनों को अपने सट्टे के शौरूमों में तब्दील करना शुरू कर दिया है।


चित्तौडग़ढ़ जिला मुख्यालय पर चंद्रलोक सिनेमा के पीछे जयपुर गोल्डन चौराहा, पब्लिक पार्क, न्यू क्लॉथ मार्केट इन सट्टा संचालकों की पसंदीदा जगह बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि जिला मुख्यालय पर चल रहे इस सट्टा व्यवसाय को पुलिस का भी पूरा सरंक्षण प्राप्त है, जिसके चलते इन सटोरियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है और सट्टे का ये अवैध धंधा पूरे जोर-शोर से पनप रहा है।


कोतवाली थाना क्षेत्र में सर्वाधिक अड्डे
जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में लगभग एक दर्जन जगहें है, जहां खुलेआम सट्टे का ये अवैध कारोबार धडल्ले से चल रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक जगह पर न चलकर विभिन्न स्थानों पर चल रहे सट्टे के इस काले कारोबार को लेकर कोतवाली पुलिस की कोई गंभीरता नहीं है। सूत्रों का कहना है कि इन स्थानों पर पुलिसकर्मी भी होकर निकल जाते हैं, लेकिन इन सटोरियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।


जानकारी यह भी है कि सट्टे के इस काले कारोबार के तार पुलिस के बंधी सिस्टम से भी जुड़े हुए हैं। इन सटोरियों के कथित दलाल कार्यरत हैं जो थाने तक इनकी सेटिंग करवाते हैं, जिसके बाद पुलिस इस अवैध धंधे की ओर आंखे मूंद लेती है और सरेआम ये सट्टे का अवैध धंधा शुरू हो जाता है।


तिरपाल बने पहचान
सट्टे के संचालन के लिए बने स्थानों पर मुख्य द्वार पर ह्रश्वलास्टिक के पीले रंग के बरसाती तिरपाल लगाकर इनका मुख्य द्वार बंद कर दिया जाता है, लेकिन ये तिरपाल रास्ता बंद करने के लिए नहीं, बल्कि सट्टे के संचालित होने के स्थान का ट्रेडमार्क है। इन स्थानों पर बाहर लगे ये तिरपाल दूर से ही सट्टे की गतिविधियों के संचालन की जानकारी देते हैं, जिससे सट्टा लगाने वाले आसानी से इन स्थानों तक पहुंच सके। साथ ही ये पुलिस के लिए भी एक विशिष्ट इशारा है, जिससे कि ये बताया जा सके कि इस स्थान की सेटिंग हो चुकी है। इन्हीं इशारों के चलते न तो पुलिस इन पर कार्यवाही करती है और न ही संबंधित बीट या विशेष तौर से नियुक्त टीम के लोग इन स्थानों दूर रहते हैं।

बनाई स्पेशल टीम, लेकिन सफलता नहीं
कोतवाली थाने में पदभार ग्रहण करते समय सीआई ओमप्रकाश सोलंकी ने सट्टे और लपकागिरी पर रोक लगाया जाना अपनी पहली प्राथमिकता बताई थी, लेकिन पहले चोरी-छिपे चलने वाला ये सट्टे का अवैध कारोबार अब खुलेआम चल रहा है, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रभारी अपनी पहली प्राथमिकता को लेकर कितने गंभीर हैं। वहीं अपराधों पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टीम का भी गठन किया गया है जो ऐसे मामलों पर कार्यवाही करती है, लेकिन कोतवाली थाना क्षेत्र में इसे पुलिस की लापरवाही कहें या फिर मिलीभगत, इन सट्टा संचालकों पर विशेष टीम भी कोई कार्यवाही कर पाने में असमर्थ है। हालांकि पुलिस का बीट स्तर से लेकर प्रत्येक गतिविधि का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाता है, लेकिन कई बीटों में खुलेआम चल रहा ये सट्टे का खेल खाकी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।


comments

Be the first to comment.

leave a comment


Already have an account?

Create Account



Log In Your Account



Forgot Password


You can request for your password by providing your email and reset password link will be sent at your email address.

Supplied Email doesn't exists. Please enter correct email.
We have successfully received your password reset request and password reset for link has been sent to you email. Please look at your Spam folder also as Google invariably sends these emails to your Spam folder.

Choose Locations

My City