लोकतंत्र को भ्रष्टाचार की  छांया से मुक्त करना होगा-लोकायुक्त
Reporter: Ajay Parmar
31 Jan, 2017
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लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस.एस. कोठारी ने कहा कि लोकतंत्र को भ्रष्टाचार की छांया से मुक्त करना होगा।  भ्रष्टाचार ने भारत के विकास की राह को रोका है। संसाधनों से भरपूर व समृध्द परम्पराओं वाले देश में जिस तेजी से विकास होना चाहिये था भ्रष्टाचार की वजह से वह नहीं हो पाया है।

लोकायुक्त एस.एस. कोठारी मंगलवार को कलेक्टेªट सभागार में जिलाधिकारियो की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसेवकों के विरुध्द बढ़ रही शिकायतों के शीघ्र  निपटारे के लिये प्रभावी लोकायुक्त अधिनियम की आवश्यकता है। वर्तमान लोकायुक्त अधिनियम काफी पुराना हो गया है जिसमें परिवर्तनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भिजवाये गये है जिन्हें लागू किया जाना अपेक्षित है। लोकायुक्त ने कहा कि जिन लोगों पर नैतिकता के मानदण्ड स्थापित करने तथा उनकी रक्षा का दायित्व है वहीं लोग उसे तार-तार कर रहे है। देश की युवा पीढ़ी में इसे लेकर त्रस्त है।

नागरिकों में भी आक्रोश है। जहां भ्रष्टाचार के मामलें बढ़ रहे है उनका आकार भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में भ्रष्टाचार का प्रतिकार करने का अभाव है। वे भी उसका हिस्सा बनते जा रहे है। जब तक प्रतिकार नहीं होगा, इस पर अंकुश लगाना संभव नही हो पायेगा। आज आवश्यकता इस बात की है कि अच्छे लोग सामने आये, दूसरे लोगों को भी जागृत करें तथा भ्रष्टाचार कोे जड़ मूल से उखाड़ फेके। संकल्प के साथ किये गये कार्य से कुछ भी असंभव नहीं है। लोकायुक्त ने कहा कि अन्य कई राज्यों में प्रभावी लोकायुक्त अधिनियम लागू है।

लोकायुक्त को अधिक अधिकार प्रदान कर उसके अधीन स्वतंत्र जांच एजेंसी गठित की जाय ताकि शिकायतों की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच हो सके और पीडित लोगों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने लोगों की जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित किया हे। इससे व्यक्ति, परिवार व समाज को हानी पहुॅची है। इससे देश की सुरक्षा व अखंडता भी खतरे में पड़ गई है।  एस.एस.कोठारी ने कहा कि वर्तमान में लोकायुक्त अधिनियम की जानकारी लोगों को नहीं है।

खासकर ग्रामीणजनों तक अधिनियम की जानकारी पहुॅचाने के लिये जिला एवं उपखंड स्तर पर केम्प आयोजित कर लोगों को लोकायुक्त अधिनियम व कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की जा रही है। लोगों पर पहॅुच कर उनकी शिकायतें प्राप्त की जा रही है। उन्होंने लोकसेवकों को संवेदनशील होकर पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने को कहा ताकि शासन के प्रति बढ़ते अविश्वास को खत्म कर विश्वास की बहाली हो सके। लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये कतिपय मामलों में उनके नाम गोपनीय रखने की प्रणाली भी लोकायुक्त सचिवालय द्वारा की जाती है।

लोकायुक्त सचिवालय के सचिव पी.सी. जैन ने लोकायुक्त अधिनियम तथा उसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए। उन्होंने बताया कि लोकसेवकों के विरुध्द पदीय दुरुपयोग की शिकायत पर परिवार दर्ज कर उसे रजिस्ट््रेशन नम्बर प्रदान किया जाता हे। शिकायत के सत्यापन के पश्चात शिकायत का परीक्षण कर प्रथम दृष्टया अपराध पाये जाने पर सक्षम अधिकारी को कार्यवाही की सिफारिश की जाती है। बैठक में जिला कलक्टर महावीर प्रसाद शर्मा ने लोकायुक्तएस.एस. कोठारी को आश्वस्त किया कि लोकायुक्त सचिवालय को प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट बेहतर तरीके से तथा समय पर भिजवाई जायेगी।  इससे परिवादों के अच्छी तरह से निस्तारण में मदद मिलेगी। संवेदनशील प्रशासन की अवधारणा को इससे बल मिलेगा।

कमिटेड ब्यूरोकेसी को पसन्द किया जाना घातकः

लोकायुक्त कोठारी ने कहा कि वर्तमान में शासनाध्यक्षों द्वारा कमिटेड ब्यूरोकेसी को पसन्द किया जाने लगा हेै जो सुशासन के लिए ठीक नहीं है इससे अच्छे अधिकारियों पर विपरित प्रभाव पडता है। उन्होंने कहा कि ब्यूरोकेसी में राजनेताओं का हस्तक्षेप समाप्त होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सद्प्रयास करें। अपने विवेक, क्षमता तथा अन्तरआत्मा का मार्गदर्शन लें। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा व समर्पण के साथ कार्य करना सेवा की न्यूनतम आवश्यकता है। अधिकारी परिवादियों की जगह स्वयं को रखकर देखें। लोगों ने प्रगति की अवधारणा परिवार तक सीमित करली है जो उचित नहीं है।

परिवादों के शीघ्र निस्तारण हेतु जिला स्तर पर केम्पः

लोकायुक्त कोठारी ने बाद में मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए कहा कि जिलों से प्राप्त परिवादों के शीघ्र निस्तारण के लिए जिला स्तर पर केम्प आयोजित किये जा रहे हैं ताकि अधिकारियों से सीधा संपर्क स्थापित कर परिवादों का शीघ्र निस्तारण किया जा सके।  लोगों को ग्रामस्तर तक लोकायुक्त की कार्य प्रणाली से अवगत कराने तथा जागरुक करने के प्रयास किये जा रहे हैं। लोकायुक्त सचिवालय द्वारा 27 परिवेदनाएं प्राप्त की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) आनन्दीलाल वेैष्णव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह राठौड, अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम, नगर विकास न्यास के सचिव पी.एस. सांगावत सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थें

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