Reporter: Ajay Parmar
31 Jan, 2017
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत जिले में चिन्हित बच्चों के उपचार हेतु विभिन्न चिकित्सा संस्थानों पर रेफरल कैम्प आयोजित किये जायेंगे। रेफरल कैम्प में विशेषज्ञ चिकित्सक लाभार्थी बच्चों को निःशुल्क उपचार एवं आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करायेंगे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.सी. जीनगर ने बताया कि 13 जुलाई 2016 से प्रारंभ राष्ट्ीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत मोबाईल हेल्थ टीम के माध्यम से सरकारी विद्यालय, आंगनबाड़ी व मदरसों में नामांकित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें, चिन्हित जन्मजात विकृृति, शारीरिक असक्षमता, शरीर में विभिन्न प्रकार के विटामिन की कमी के कारण 30 गंभीर बीमारियों की जांच की गई। आरबीएसके कार्यक्रम अन्तर्गत अब तक 1862 सरकारी विद्यालय, 1649 आंगनबाड़ी व 23 मदरसों के कुल 1लाख 69हजार 667 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

इनमें सरकारी विद्यालयों के 69445 बालक व 66061 बालिकाऐं, आंगनबाड़ी केन्द्र के 16183 बालक व 16892 बालिकाऐं तथा मदरसों के 558 बालक व 528 बालिकाऐं सम्मिलित है। इन बालकों में से 5245 को आवष्यक उपचार हेतु चिकित्सा संस्थानों पर रेफर किया गया। आर सी एच ओ डा. सी.पी. गोस्वामी ने बताया कि राष्ट्रीय  बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत चिन्हित बच्चों का डेटा आॅनलाईन मोबाईल हेल्थ टीम के माध्यम से आरबीएस के पोर्टल पर उपलब्ध है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में रेफरल शिविरो का आयोजन 01 फरवरी को महात्मा गांधी चिकित्सालय, फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र करेड़ा, 4 फरवरी को सैटेलाईट हाॅस्पीटल शाहपुरा, 6 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र आसीन्द, 07 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र बिजौलिया़, 08 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र जहाजपुर, 13 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र गंगापुर, 14 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र कोटड़ी, 15 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र बनेड़ा, 16 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र रायपुर एवं 18 फरवरी को सा.स्वा.केन्द्र गुलाबपुरा पर किया जायेगा।प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एस.पी. आगीवाल ने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक (शिशु रोग, दंत रोग, चर्म रोग, नैत्र विशेषज्ञ) की निःशुल्क सेवाऐं प्रातः 10:00 से सांय 5:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी जिसमें पात्रा बच्चों को निःशुल्क परामर्श एवं आवश्यक दवाईयां भी उपलब्ध कराई जायेगी।

अतिरिक्त जिला नोडल अधिकारी आरबीएसके डा. सोनिया छाबड़ा ने बताया कि 31 जनवरी 2017 तक आरबीएसके के तहत चिन्हित जन्मजात हृदय विकृति से ग्रस्त कुल 13 बच्चों के दिल में छेद के आॅपरेशन राज्य सरकार द्वारा अधिस्वीकृत निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क करवाये जा चुके है। 8 बच्चों के दिल में छेद की बीमारी का उपचार आवष्यक दवाओं द्वारा करवाया जा चुका है। फरवरी माह में दिल में छेद की बीमारी से ग्रस्त 7 बच्चों का उपचार करवाया जायेगा।

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