राजस्थान का खारची ग्राम पादप जीनोम रक्षक समुदाय पुरस्कार से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
Reporter: Ajay Parmar
26 Aug, 2016
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जयपुर। पाली जिले की मारवाड़ जंक्शन तहसील के खारची ग्राम पंचायत को पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा  नास  (एन.ए.एस.सी) परिसर में आयोजित समारोह में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पादप जीनोम रक्षक समुदाय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  राधा मोहन सिंह थे। 

सम्मान के तौर पर दस लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया जिससे खार्चिया गेहूं खारची गाँव के नाम से पंजीकृत हो गया है तथा भविष्य में इस गेहूं से होने वाले हर व्यावसायिक पक्ष में खारची गाँव की हिस्सेदारी होगी।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  ने कहा कि कृषि अनुसंधान केन्द्रों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों का यह भी एक कार्य है कि ये अपने जिले में कृषकों द्वारा उपयोग में लिये जा रहे परंपरागत फसल पद्धतियों, बीजों, दूर दराज के क्षेत्रों में उपलब्ध परंपरागत कृषि तकनीक ज्ञान का संग्रहण करें एवं कम लागत की तकनीकी ज्ञान को कृषक समुदाय में प्रचारित करें। ताकि किसानों को उपलब्ध ज्ञान का उचित समय पर फायदा मिल सके।

आज भारत में कृषक समुदाय के पास हर फसल में बहुत विविधता है तथा समय की मांग के अनुसार जरुरत इस बात की है कि उनका संरक्षण व संवर्धन किया जाये।


इस अवसर पर एक राष्ट्रीय स्तर कि संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सभी विजेताओं से उनकी राय तथा अनुभव साझा किये गये। संगोष्ठी में आपसी संवाद विचार विमर्श करते हुए काजरी, कृषि विज्ञान केन्द्र पाली के अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह ने कहा कि पुराने समय में किसानों को लवणीय भूमि के सुधार के उपाय मालूम नहीं थे फिर भी वहां पर मारवाड़ क्षेत्र में पीढ़ियों से खार्चिया गेहूं (लाल गेहूं) बिना किसी तकनीक के पैदा होता आ रहा है।    

  डॉ. धीरज सिंह ने खार्चिया गेहूं के संरक्षण के लिये भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का पुरस्कार, प्रमाण (प्रशस्ति पत्र) खारची के उपस्थित कृषक समुदाय को जाता है जिन्होंने अपने परंपरागत कृषि प्रणाली व जीवन जीने की प्रणाली को धैर्य के साथ संजोये रखा।

मारवाड़ क्षेत्र के इसी धैर्य का परिणाम है कि आज परंपरागत खार्चिया गेहूं के संरक्षण के लिये पादप जिनोम रक्षक समुदाय के राष्ट्रीय पुरस्कार से खारची सरपंच तथा जनप्रतिनिधि मण्डल को नवाजा गया है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत खारची के सरपंच श्री सोहन लाल सरगरा ने कहा कि ये खारची के जागरूक लेकिन परंपरागत ज्ञान को संजोकर सवांर कर रखने का खार्चिया गेहूं का पुरस्कार है जिसे पीढ़ियों तक याद किया जायेगा।      

 इस गेहूं की खूबियां बताते हुए खारची सरपंच ने कहा कि इसकी रोटी व लापसी खाने में नरम होती है, ठण्डी रोटी खाने से भी कोई नुकसान नहीं होता, स्वाद उत्तम व मीठा होता है। स्वादिष्ट तथा ताकतवर होने के कारण प्रसूता माँ बहनों को भी इसके लड्डू खिलाये जाते हैं।

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