मासूम पर गर्म सलाखों का  फिर दागा तीन माह की मासूम परी को 
Reporter: Ajay Parmar
30 Jan, 2017
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जिले में मासूमों पर गर्म सलाखों का अत्याचार थमने का नाम नही ले रहा है। अंधविश्वास से ओत-प्रोत परिजन मासूमों की जिंदगी से खिलवाड करते बाज नही आ रहे है। बीते 24 घण्टो में शहर  में मासूमों को दागने के दो मामले सामने आ चूक है। 
 
सोमवार को सामने आये दूसरे मामले के अनुसार मुलतः गुना, मध्य प्रदेश हाल सुभाशनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले भगवान एरवाल की तीन माह की मासूम बेटी परी अपने गांव फतेहगढ में आठ दिन पूर्व निमोनिया का शिकार  हुई थी। हालत गम्भीर होने पर परिजनों ने भोपे के जरीये उसे गर्म सलाखो से दगवा लिया। फतेहगढ में हुई इस घटना के बाद परिजन भीलवाडा लौट आये। दो दिन बाद भी जब भीलवाडा में परी की हालत में सुधार नही आया तो मासूम की मां पिंकी ने परी को महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार मासूम परी की हालत में अब पहले से ज्यादा सुधार है।

परी की तबीयत बिगडने का कारण जानने के लिए चिकित्सकों ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन प्रथम दृश्टिया सामने आया है कि परी के शरीर  में पानी की कमी के चलते उसकी हालात खराब हुई है। निमोनिया का षिकार परी का महात्मा गांधी चिकित्सालय में ईलाज जारी है। गौरतलब है कि रविवार देर शाम को गंगापुर थाना क्षेत्र के चावंडिया निवासी मुकेष बैरवा के 15 माह के पुत्र राजू को निमोनिया की शिकायत के बाद अंधविष्वासी परिजनों ने भोपे के पास ले जाकर गर्म सलाखों से दगवा दिया था। हालत गम्भीर होने पर परिजनों ने राजू को महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया था।

डाॅक्टरों की जांच में सामने आया था कि राजू के षरीर में पानी की कमी है। उल्टी-दस्त के षिकार राजू को गर्म सलाखों से दगाने के कारण उसकी हालत बिगड गई और सांस की तकलीफ होने के कारण उसे भर्ती कराया गया। फिलहाल राजू की हालत में सुधार है और उसका ईलाज जारी है। विगत कुछ महिनों में भीलवाडा में आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके है। बाल कल्याण समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने के लिए सीएमएचओ, पीएमओ, पुलिस व महिला एवं बाल कल्याण विभाग को पत्र लिखकर स्कूली स्तर पर जागरूकता लाने के  प्रयास करने की बात कहीं है।

जिले में 38 फीसदी लोग निरक्षर है और यह तादाद उन्ही क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है, जहां से अब तक ऐसे मामले सामने आये है। जरूरी है कि ऐसे मामलो में पुलिस व प्रषासन सख्त रवैया अपनाते हुए कडी कार्यवाही करें, ताकि मासूमों पर हो रहे इस अत्याचार को रोका जा सकें, क्योंकि विगत दिनों बनेडा क्षेत्र के आमली गांव में रहने वाले जमना लाल बैरवा की दो साल की बेटी पुश्पा व लादूवास का खेडा निवासी सात माह की बेटी रेखा इन्ही गर्म सलाखो का शिकार होकर अपनी जान गवा चुकी है। 

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