जिसको जिम्मेदारी दी वो घर भरने में मस्त रहा
Reporter: Rajendra Shekhawat
19 Oct, 2016
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कवि सम्मेलन
- वीर, हास्य व श्रृगांर की काव्य सरिता में श्रोताओं के खूब लगे गोते
- राष्ट्रीय परिदृष्य पर खूब चले व्यंग बाण


चित्तौडग़ढ़: नगर परिषद द्वारा आयोजित दशहरा मेले का आठवें दिन मगंलवार रात्रि कवि सम्मलेन के नाम रहा। जिसमें इन्दिरा गांधी स्टेडियम के अमृत सिटी रंगमंच पर अयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मलेन में देश के ख्यात नाम रचनाकारों ने अपने ही अदांज में वीर, हास्य व श्रृगांर की अद्भुत काव्य सरिता प्रवाहित करते हुऐ श्रोताओं को तालियों के साथ गोते लगाने पर विवश कर दिया, वही कवियों ने राष्ट्रीय परिदृष्य पर व्यंग बाण चला कर श्रोताओं की खूब वाहवही लूटी।

प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा पंडित अरविन्द भट्ट के मंत्रोच्चर के साथ दीपप्रज्जवलन करते हुऐ मॉ सरस्वती की छवि पर माल्र्यपण किया। मथुरा से आई पूनम वर्मा ने विद्या की देवी सरस्वती को नमन करते हुऐ जब ''मुझे ऐसा वर दे शुभे शारदे मॉ जो अज्ञनता से हम तारे दे मॉÓÓ प्रस्तुत किया तो सम्मुच वातवरण तालियों की गडग़ड़हट से गुंज उठा।

डा. पूनम व कवि सम्मेलन के संचालक शषिकान्त यादव की नोक-झोंक के बीच पूनम ने श्रृगांर रास परोसते हुऐ जब ''गजल गीतों की गंगा से ह्रश्वयार का रंग लिये है तुम्हार शहर में आज पहली बार आये हैÓÓ सुनाकर श्रोताओं को आनन्दीत किया वही ''मैं बृज की बासुरी हुॅ प्रेम की संदेश लाई हुॅÓÓ तो खूब ठहाके लगे। उन्होने गीत गुनगुनाते हुऐ ''चलों आज बस हम खो जाये एक दूजे के ह्रश्वयारे मेंÓÓ, ''क्या तुम इस के लिये मुहर्त देखोगें अखबार मेंÓÓ सुनाया तो रसिक श्रोता आनन्द मग्न हो गये।

इस दौर में प्रथम बार यहॉ आये वीर रस के ख्यात नाम कवि गजेन्द्र सौलंकी ने ''सुनाने मैं सभी को देष का पेगाम लाया हुॅ सुनाकर बलिदानी परम्परा की पावन मिट्टी को नमन कर सर्जिकल ऑपरेशन की प्रधानमंत्री को बधाई देते हुऐ पाक की नापाक हरकतों पर व्यंग कसते हुऐ, उसे जब पुरे पाक का ही पिण्डदान कर दीजिये सुनाया तो ठंड भरे माहौल में लोगों को जोशीली गार्मी का एहसास हूं गया, वही पाकिस्तान को ललकारते हुऐ जब उन्होनें पाक को अखण्ड भारत में मिलाने का अहवान किया तो श्रोताओं ने जय श्री राम के नारे लगाना शुरू कर दिया।

वीर रस के धनी सौंलकी ने पाक की उल्टी गिनती गिनातें हुऐ कहा कि सवासों करोड़ों देषवासियों की फूंक से सारा पाक उड़ जायेगा सुनाया तो वातवरण में भारत माता का जय घोष गुंज उठा। उन्होनें सीमा के पहरीयों को सलाम करते हुऐ मोदी की पहल का समर्थन कर ''देश द्रोहियों का नाष होना चाहिये सभी को पटेल सुभाष होना चाहीये के साथ श्रोताओं की मांग पर '' बचालों मेरा हिदुस्तान रचना प्रस्तुत करते हुऐ चीनी उत्पाद का बहिकार करने, गौ माता की रक्षा का माह अभियान चलाने तथा शास्त्रसंघ शास्त्र का संधान करने का अहवान किया तो लोगों को देश प्रेम के जज्बे की अनुभुति हुई।

रस परिवर्तन करते हुऐ हास्य व्यंग के जादुगर जॉनी बैरागी ने देश की ज्वलन्त समस्यों पर व्यंग बाण छोडतें हुऐ मंच पर अवतरीत काव्यों को लपेटते हुऐ कहा कि गीत कवि सम्मलेन के प्राण है तो हास्य शरीर है। उनकी अदा और वाणी ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया वही चाय बेचने वाले ने बहुत बड़ा ऑपरेशन कर दुश्मन के घर में घुस कर मारने को निराले अदांज में पेश करते हुऐ श्रोताओं की वाहवही लूटी वही देष के जवान की मन:स्थिति को प्रकट करते हुऐ जब उन्होनें नीचे तपती धरा उपर सूर्य भगवान, बीच में खड़ा सरहद पर खड़ा एक जवान के साथ उस पर उंगलिया उठाने वालों पर करार व्यंग करते हुऐ श्रोताओं के मन को झकझोर दिया।

गीतकार रमेश शर्मा ने श्रृगांर के साथ वीरह का वर्णन करते हुऐ चार मौसम को अपने अदांज में ''गये तुम पर गया ना मौसम जस के तस फिर आते हैÓÓ सुनाकर विरहिणी की वेदांना को प्रकट किया। कवि सम्मलेन के शानदार संचालक शशिकान्त यादव ने राजनैतिक परिदृश्य पर रचना प्रस्तुत करते हुऐ ''केजरीवाल के चकर में क्लीन बोल्ड हो गयाÓÓ, ''कैसा भाग्य लिखा भगवान ने ममता मुलायम के नखरे उठाता हुॅ के साथ ही अब तक कुवांर रहे राजकुमार राहुल पर खूब व्यंग प्रस्तुत किये, इस के साथ ही प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर मुक्त कठं से प्रशंसा करते हुऐ ''मॉ के दुध का कर्ज तो अभी चुकान हैÓÓ, ''राजनीति की भाषा ओछी हो गईÓÓ, ''भगवा को आंतक बनाया काले अग्रेजों नेÓÓ, ''मोदी आये जैसे नृसिंह ने खम्भ फाड़ा हैÓÓ तथा ''शहजादे को धुल चटादी चाय बचाने वाले नेÓÓ प्रस्तुत किया तो श्रोता देर तक भारत माता के जयकारे लगाते रहे। इस पूर्व मथुरा से आये युवा वीर रस के धनी मनवीर मधुर ने बलिदानी क्षेत्र में रचना

प्रस्तुत करते हुऐ प्रताप के शौर्य व पन्ना के बलिदान को याद किया तो वातवरण वीर भावना से भर गया। उन्होनें देष प्रेम की अलख जगाते हुऐ ''भूल नही जाना तुम भारत मॉ के बेटे होÓÓ, ''एकता की बेल की जड़ों में डाली छाछÓÓ के साथ जेएनयु में जवानों के खिलाफ बोलने वालों को कोस्त हुऐ कहा की देश से बड़ा कोई नही तथा देश प्रेम से बड़ा कोई दान नही के साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान को सर्वोपरी बताते हुऐ सौनिको के शौर्य पर ना कोई प्रष्न चिन्ह सुनाकर झकजोर दिया वही अपने ही अदांज में सौनिकों के वक्ष में भवानी जाग जाती है प्रस्तुत कर वातवरण को जोशीला बना दिया। उन्होने यूपी की राजनीति व सुरेश कलमाणी पर व्यंग कसते हुऐ पाक की हरकतों पर भारत मॉ के गुनगाण कर सभी का दिल जीत लिया।

खुबचंद मस्तान ने ''हिन्दु हिदुस्तान तंरगे को कभी झुकने नही देंगे के साथ श्रृगांर रस को वीर रस में प्रस्तुत करते हुऐ कश्मीर को भारत की मांग का सिंदुर है। प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवही लूटी। काव्य मंच के वारिष्टतम चमकते नक्षत्र व देष के ख्यात नाम ओजस्वी कवि हरिओम पावंर ने मध्य रात्रि की ठिठुरन भारी सर्दी के बीच अपने ही अदांज में जब कविता पठ करना शुरू किया तो श्रोता अनवरत तालियों से जुगलबंदी करते हुऐ उनकी काव्य रचनाओं का भरपुर आनन्द उठाया।

उन्होनें जनमन की पीड़ा हरने का वरदान मांग न आया हूॅ, जिसको जिम्मेदारी दी वो घर भरने में मस्त रहा, भारत मॉ की तस्वीर दिखाने आया हूॅ के साथ ही जीवन का सार बताते हुऐ, जब देष की मार्मिक स्थिति का वर्णन करते हुऐ कविता के सिंहासन से संग्राम नही होने दूंगा के साथ वंश वाद की परम्परा पर व्यंग करते हुऐ, लाल चौक पर भारत मॉ के जयकारे लगाने का अहवान किया तो सभी में एक नये उत्साह का संचार हुए। उन्होने सबका साथ सबका विकास के साथ जुग्गी झोंपड़ी की दुर्दशा का बखान करते हुऐ सभी का मन जीत लिया।

अतिथियों का स्वागत सम्मान

मंगलवार रात्रि को आयोजित कवि सम्मेलन कार्यक्रम के प्रायोजक वंडर सिमेन्ट के सहायक उपाध्यक्ष नितिन जैन, मुख्य सुरक्षा अधिकारी एस.सी. यादव, महाप्रबन्धक एच.आर विनय शर्मा, हेमेन्द्र जावा, बिजनेस पार्टनर बसंत हेड़ा के मुख्य आतिथ्य के साथ ही विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, गौतम दक, सीकेएसबी उपाध्यक्ष सुषीला कवंर आक्या, आभा शर्मा, आषा पोखरना जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा, भदेसर प्रधान चन्दा बाला जैन, श्री सांवलिया मन्दिर मण्डल अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, नगर विकास न्यास अध्यक्ष निर्मल काबरा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष सुरेश जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेन्द्र पोखरना, भाजपा नगर महामंत्री सागर सोनी का विषिष्ट अतिथि के रूप में तथा मंचासीन कवियों का नगर परिषद की और से सभापति सुशील शर्मा, उपसभापति भरत जागेटिया, ने अतिथियों को उपरना एवं शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेट कर आत्मीय स्वागत किया गया।

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